2026 में कम पैसे में सबसे अच्छे बिज़नेस वो हैं जिनमें सामान कम लगता है और जो चीज़ लोग रोज़ ख़रीदते हैं वही बिकती है: करीब ₹20,000 में सब्ज़ी का ठेला, ₹25,000 में चाय का ठेला, ₹35,000 में घर से ट्यूशन, ₹40,000 में घर से टिफ़िन सर्विस या सिलाई, और ₹45,000 में मोबाइल रिपेयर काउंटर। ₹1 लाख से ऊपर होम बेकरी, नाई की दुकान, छोटी किराना दुकान या ढाबा भी संभव है। नीचे हर आइडिया बजट के हिसाब से दिया है, साथ में यह कि पैसा असल में किस चीज़ में जाता है, कैसे चुनें, लोन कहाँ से लें, और वो गलतियाँ जिनसे ज़्यादातर नए लोग डूबते हैं।
यहाँ सेटअप के सारे आँकड़े उसी रिसर्च से हैं जिस पर हमारा मुफ़्त बिज़नेस सिम्युलेटर चलता है, और ये टियर-2 शहर के दाम हैं। मेट्रो में ख़र्च ज़्यादा और छोटे कस्बों में कम होता है।
"कम पैसे" में असल में क्या-क्या आता है?
जब कोई ब्लॉग कहता है कि बिज़नेस "₹50,000 में शुरू होता है", तो आमतौर पर उसका मतलब सिर्फ़ सामान से होता है। यह आधा पैसा है। हर बिज़नेस को दो अलग थैलियाँ चाहिए:
- सेटअप ख़र्च (एक बार): ठेला या काउंटर, भट्टी-बर्नर, तराज़ू, रैक, बोर्ड, किराए का डिपॉज़िट, लाइसेंस और पहली बार का माल।
- वर्किंग कैपिटल (चलाने का पैसा): माल ख़रीदने, किराया और तनख़्वाह देने और बिक्री जमने तक मंदे दिन झेलने के लिए नकद।
पहले साल में बंद होने वाले ज़्यादातर छोटे बिज़नेस इसलिए बंद नहीं होते कि आइडिया ख़राब था। उनका वर्किंग कैपिटल ख़त्म हो जाता है। जो सब्ज़ीवाला सारा पैसा नए ठेले पर लगा देता है, टमाटर महँगे होते ही उसके पास कुछ नहीं बचता। जो ट्यूशन टीचर मई में कमरा किराए पर लेता है, उसे नया सेशन भरने तक किराया अपनी जेब से देना पड़ता है।
हमारा गेम दोनों थैलियों को अलग-अलग गिनता है। राउंड शुरू करते ही आपके बजट से पहले चुने गए फ़ॉर्मेट का सेटअप ख़र्च कटता है, और जो बचता है वही हफ़्ते का नकद बनता है। अगर फ़ॉर्मेट पूरा बजट खा जाए तो गेम शुरू ही नहीं होने देता। असली ज़िंदगी इतनी शराफ़त नहीं दिखाती: वो शुरू करने देती है, फिर पैसा ख़त्म हो जाता है।
सीधा नियम: ठेले या घर के बिज़नेस में कम से कम एक महीने का फ़िक्स्ड ख़र्च (किराया, तनख़्वाह, बिजली, EMI) हाथ में रखें, और किराए की दुकान में दो से तीन महीने का।
₹50,000 से कम में बिज़नेस
ये असली कम बजट वाले विकल्प हैं। ज़्यादातर ठेले, घर से चलने वाली सेवाएँ या हुनर वाले काम हैं। टेबल में वो सारे बिज़नेस हैं जिनका सबसे सस्ता फ़ॉर्मेट ₹50,000 या उससे कम में शुरू होता है।
| बिज़नेस | लागत | आम दुकान: लागत | आम दुकान: महीने का मुनाफ़ा (टियर 2 शहर) |
|---|---|---|---|
| 🥬 सब्ज़ी की दुकान | ₹20,000 | ₹20,000 | ₹17,500–₹39,000 |
| ☕ चाय की दुकान | ₹25,000 | ₹60,000 | ₹55,000–₹1.1 लाख |
| 📚 ट्यूशन सेंटर | ₹35,000 | ₹1.3 लाख | ₹17,500–₹60,500 |
| 🧵 सिलाई की दुकान या बुटीक | ₹40,000 | ₹2.3 लाख | ₹15,000–₹43,500 |
| 🍱 टिफ़िन सर्विस | ₹40,000 | ₹1 लाख | ₹17,500–₹30,500 |
| 📱 मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान | ₹45,000 | ₹1.5 लाख | ₹24,000–₹69,500 |
| 🥟 स्ट्रीट फ़ूड का ठेला | ₹50,000 | ₹50,000 | ₹35,000–₹90,000 |
| 👗 कपड़े की दुकान | ₹50,000 | ₹7 लाख | ₹21,500–₹1.1 लाख |
मुनाफ़े वाला कॉलम टियर-2 शहर में सबसे आम फ़ॉर्मेट का है, जो कभी-कभी सबसे सस्ते फ़ॉर्मेट से बड़ा होता है। छोटे फ़ॉर्मेट के आँकड़े हर गाइड में देखें।
सब्ज़ी ठेला और चाय ठेला: रोज़ की कमाई, रोज़ का जोखिम
हमारे डेटा में सब्ज़ी की दुकान का ठेला करीब ₹20,000 में लगता है: नया ठेला ₹8,000–18,000 (पुराना ₹4,000–8,000), ऊपर से तराज़ू, क्रेट और ₹3,000–6,000 का शुरुआती माल (IIFL)। टियर-2 शहर में अच्छे से चलने वाले ठेले का हमारा अनुमान ₹17,500–39,000 महीना है। दिक्कत बर्बादी की है: पत्तेदार सब्ज़ी और टमाटर जल्दी ख़राब होते हैं, और मंडी में एक गलत ख़रीद पूरे हफ़्ते का मुनाफ़ा खा जाती है।
चाय की दुकान का ठेला, बर्नर और बर्तन मिलाकर करीब ₹25,000 का पड़ता है। आपके ख़र्च का आधे से ज़्यादा हिस्सा दूध है, जो शाम तक फट जाता है, और ₹10 से ₹15 की कटिंग करते ही ग्राहक तेज़ी से घटते हैं। छोटे कस्बे में ठेले का हमारा अनुमान ₹22,000–42,000 महीना है।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: चाय की दुकान
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ →हुनर वाले बिज़नेस: ट्यूशन, सिलाई, टिफ़िन, मोबाइल रिपेयर
इनमें लागत कम है क्योंकि असली पूँजी आपका हुनर है।
- घर से ट्यूशन सेंटर: बोर्ड, बैठने की जगह और किताबों के लिए करीब ₹35,000। कितने बच्चे पढ़ा सकते हैं, यह कमरे और आपके घंटों पर टिका है।
- घर से सिलाई की दुकान या बुटीक: करीब ₹40,000। घरेलू इलेक्ट्रिक मशीन ₹12,500–20,000 की आती है; ओवरलॉक मशीन ₹12,000–30,000 और जोड़ती है।
- घर से टिफ़िन सर्विस: बड़े बर्तन, कमर्शियल बर्नर, स्टील के डिब्बे और डिलीवरी बैग के लिए करीब ₹40,000। पहले महीने के राशन और गैस के लिए ₹15,000–40,000 अलग रखें।
- मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान काउंटर: टियर-2 या टियर-3 शहर में अकेले के काउंटर के लिए ₹30,000–60,000 (IIFL)। पहले असली रिपेयर सीखिए; एक ख़राब स्क्रीन बदलने में ग्राहक और पार्ट दोनों जाते हैं।
₹50,000 से ₹2 लाख में बिज़नेस
इस बजट में पक्का स्टॉल, सस्ती जगह पर छोटी दुकान और मशीन वाले ठेले आ जाते हैं।
| बिज़नेस | लागत | आम दुकान: लागत | आम दुकान: महीने का मुनाफ़ा (टियर 2 शहर) |
|---|---|---|---|
| 🍗 चिकन की दुकान | ₹55,000 | ₹3.3 लाख | ₹13,000–₹43,500 |
| 🍃 पान की दुकान | ₹70,000 | ₹2.5 लाख | ₹21,500–₹78,000 |
| 🥤 गन्ने के जूस का बिज़नेस | ₹75,000 | ₹75,000 | ₹17,500–₹47,500 |
| 🥐 बेकरी | ₹1 लाख | ₹12 लाख | ₹45,000–₹68,000 |
| 🚿 कार वॉश | ₹1 लाख | ₹6 लाख | ₹20,000–₹25,000 |
| 👟 जूते-चप्पल की दुकान | ₹1 लाख | ₹6 लाख | ₹86,500–₹3.5 लाख |
| 🍨 आइसक्रीम पार्लर | ₹1.5 लाख | ₹8 लाख | ₹8,500–₹30,500 |
| ✏️ स्टेशनरी की दुकान | ₹1.8 लाख | ₹4 लाख | ₹13,000–₹60,500 |
| 💇 सैलून या ब्यूटी पार्लर | ₹1.8 लाख | ₹2.5 लाख | ₹40,000–₹78,000 |
| 🍛 कैटरिंग का बिज़नेस | ₹2 लाख | ₹7.5 लाख | ₹86,500–₹1.1 लाख |
स्ट्रीट फ़ूड का ठेला ठेले (करीब ₹50,000) का मार्जिन हमारे डेटा में सबसे अच्छों में है: टियर-2 शहर में अच्छा ठेला ₹35,000–90,000 महीना। पर हटाए जाने का ख़तरा भी है। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत वेंडिंग सर्टिफ़िकेट लेने से यह ख़तरा घटता है और PM SVANidhi लोन का रास्ता खुलता है।
गन्ने की मशीन वाला जूस ठेला करीब ₹75,000 और पान की गुमटी करीब ₹70,000 की पड़ती है। दोनों मौसमी हैं: जूस गर्मी में चलता है और बारिश में बहुत गिर जाता है।
₹1–2 लाख में होम बेकरी, घर-घर कार वॉश किट, फ़ुटपाथ पर चप्पल का स्टॉल या सैलून या ब्यूटी पार्लर (हमारे डेटा में जेंट्स बार्बर शॉप करीब ₹1.8 लाख से) शुरू हो सकता है। कुछ में पैसा लौटने में बहुत वक़्त लगता है: आइसक्रीम ठेले का सीज़न छोटा होने से उसके ₹1.5 लाख लौटने में सालों लगते हैं।
₹2 लाख से ₹5 लाख में बिज़नेस
यहाँ असली दुकान किराए पर ली जा सकती है। 3–10 महीने के किराए का डिपॉज़िट आम है, तो सिर्फ़ डिपॉज़िट ही बड़ा हिस्सा खा जाता है।
| बिज़नेस | लागत | आम दुकान: लागत | आम दुकान: महीने का मुनाफ़ा (टियर 2 शहर) |
|---|---|---|---|
| 🛍️ किराना दुकान | ₹2 लाख | ₹4.5 लाख | ₹8,500–₹19,500 |
| 👓 चश्मे की दुकान | ₹2.5 लाख | ₹7.5 लाख | ₹86,500–₹2.8 लाख |
| 🍛 ढाबा या फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट | ₹2.8 लाख | ₹8 लाख | ₹86,500–₹1.3 लाख |
| 🔧 हार्डवेयर और पेंट की दुकान | ₹4 लाख | ₹10 लाख | ₹21,500–₹1.5 लाख |
| 🧋 कैफ़े | ₹5 लाख | ₹12 लाख | ₹65,000–₹1.3 लाख |
| 🚚 फ़ूड ट्रक बिज़नेस | ₹5 लाख | ₹12 लाख | ₹52,000–₹78,000 |
| 🐔 मुर्गी फार्म | ₹5 लाख | ₹22 लाख | ₹8,500–₹39,000 |
घर के आगे किराना दुकान करीब ₹2 लाख से शुरू होती है, पर मार्जिन पतला है: टियर-2 शहर में छोटी किराना का हमारा अनुमान सिर्फ़ ₹8,500–19,500 महीना है, और सेटअप का 40–55% शुरुआती माल में जाता है (Accountune)। बड़े मेट्रो में क्विक कॉमर्स हर तिमाही ग्रोसरी का करीब एक प्रतिशत हिस्सा ले रहा है (HDFC SKY), इसलिए किराना टियर-2 और टियर-3 शहरों में बेहतर चलती है।
बड़े बजट के लिए हमारी सूची देखें: 5 लाख में बिज़नेस और 10 लाख में बिज़नेस।
कम पैसे वाले आइडिया में से कैसे चुनें?
आइडिया से शुरू मत कीजिए। चार सवालों से शुरू कीजिए।
1. जगह: सामने से कौन गुज़रता है?
कॉलेज के गेट पर चाय का ठेला और सुनसान गली में वही ठेला, दो अलग बिज़नेस हैं। जिस समय आप बेचेंगे, उस समय कम से कम तीन दिन (एक छुट्टी वाला दिन मिलाकर) भीड़ गिनिए। ऑफ़िस वाले इलाके रविवार को सूने रहते हैं; बाज़ार छुट्टी के दिन चलते हैं; स्टेशन पर भीड़ है पर किराया और हटाए जाने का ख़तरा भी ज़्यादा।
2. हुनर: आप बगल वाले से बेहतर क्या कर सकते हैं?
ट्यूशन, सिलाई, मोबाइल रिपेयर और टिफ़िन हुनर और नाम पर चलते हैं। ठेला या दुकान जगह और अच्छी ख़रीद पर ज़्यादा टिकी है। अगर ख़ास हुनर नहीं है, तो ऐसा बिज़नेस चुनें जहाँ ख़रीद और जगह मायने रखती है, और ख़रीदना सीखें।
3. समय: आप कितने घंटे दे सकते हैं?
टिफ़िन सर्विस का मतलब रोज़ सुबह 6 बजे से खाना बनाना है। सब्ज़ी ठेले का मतलब सूरज निकलने से पहले मंडी जाना है। चाय वाले को सुबह 7–10 और शाम 4–7 बजे वहीं होना चाहिए। नौकरी के साथ शाम की ट्यूशन या वीकेंड स्टॉल पूरे दिन की दुकान से बेहतर बैठता है।
4. जोखिम: आप कितना खो सकते हैं?
सोचिए सबसे बुरे महीने में क्या होगा। जल्दी ख़राब होने वाला माल (दूध, सब्ज़ी, मीट, केक) सड़ सकता है। नगर निगम ठेला हटा सकता है। किराए की दुकान में बिक्री गिरने पर भी किराया देना पड़ता है। ऐसा बिज़नेस चुनें जिसका सबसे बुरा महीना आप 5% महीने के ब्याज पर उधार लिए बिना निकाल सकें।
कम पैसे वाले बिज़नेस के लिए लोन
- मुद्रा (PMMY), बिना गारंटी: शिशु ₹50,000 तक; किशोर ₹50,000–5 लाख; तरुण ₹5–10 लाख; तरुण प्लस ₹10–20 लाख, उनके लिए जिन्होंने तरुण लोन चुका दिया है। ब्याज बैंक के हिसाब से करीब 9–14% सालाना (अनुमान)। देखें हमारी मुद्रा लोन गाइड।
- PM SVANidhi (रेहड़ी-पटरी वाले): ₹15,000, फिर ₹25,000, फिर ₹50,000; हर अगला लोन पिछला चुकाने पर मिलता है, और डिजिटल पेमेंट पर ₹1,600 तक कैशबैक। लोन 31 मार्च 2030 तक मिलेंगे, और वेंडिंग सर्टिफ़िकेट या नगर निकाय का सिफ़ारिशी पत्र (LoR) चाहिए (News on AIR)।
- PMEGP: नई यूनिट के प्रोजेक्ट ख़र्च पर 15–35% सब्सिडी, बड़े सेटअप के लिए काम की।
- PM विश्वकर्मा (दर्ज़ी और दूसरे कारीगर): ₹15,000 का टूलकिट वाउचर और 5% पर पहले ₹1 लाख, फिर ₹2 लाख लोन। अगर आप पहले PMEGP, PM SVANidhi या मुद्रा ले चुके हैं तो यह नहीं मिलता (Drishti IAS)।
बाज़ार के रोज़ाना वसूली वाले साहूकारों से बचें। उनका 5–10% महीना किसी भी बैंक लोन से कई गुना महँगा पड़ता है।
कौन से लाइसेंस लगेंगे
- खाने का बिज़नेस: FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन ₹100 सालाना, और 1 अप्रैल 2026 से यह ₹1.5 करोड़ टर्नओवर तक लागू है (FSSAI आदेश)। नगर निकाय में रजिस्टर्ड वेंडर अपने आप रजिस्टर्ड माने जाते हैं।
- दुकान: शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन और नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस (शहर के हिसाब से कुछ सौ से कुछ हज़ार रुपये सालाना)।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन: मुफ़्त, और बैंक लोन में मदद करता है।
- GST: सामान बेचने पर ₹40 लाख और सर्विस पर ₹20 लाख टर्नओवर के बाद ही ज़रूरी (विशेष श्रेणी वाले राज्यों में कम)।
कम पैसे वाले बिज़नेस में आम गलतियाँ
- सारा बजट सेटअप में लगा देना। माल के पैसे के बिना चमचमाता ठेला बस खड़ा रहता है।
- शहर के सबसे चलते स्टॉल की नकल। एक कोने पर पाँच मोमो ठेले हों, तो छठा उसी भीड़ को बाँटता है।
- "ग्राहक खींचने" के लिए इलाके से कम दाम रखना। पतले मार्जिन पर ₹2 की कटौती मुनाफ़ा आधा कर सकती है।
- बर्बादी को नज़रअंदाज़ करना। एक महीने तक रोज़ लिखिए कि क्या फेंका। यही आँकड़ा तय करता है कि ख़राब होने वाले माल का बिज़नेस चलेगा या नहीं।
- खुलकर उधार देना। पड़ोसियों को उधारी से ही कई किराना और टिफ़िन वालों का वर्किंग कैपिटल डूबता है।
- लाइसेंस टालना। ₹100 का FSSAI रजिस्ट्रेशन एक जाँच के जुर्माने से सस्ता है।
- बिक्री को मुनाफ़ा समझना। जो चाय वाला दिन में ₹3,000 बेचता है, दूध, चीनी, गैस और हेल्पर के बाद उसके हाथ में ₹1,000 से कम भी बच सकता है।
पैसा लगाने से पहले आज़माएँ
इनमें से किसी भी बिज़नेस में असली पैसा लगाने से पहले BizGame सिम्युलेटर में मुफ़्त चलाकर देखिए। हर राउंड 5 मिनट में एक असली जैसा हफ़्ता है: आप शहर, जगह और फ़ॉर्मेट चुनते हैं, दाम और स्टाफ़ तय करते हैं, माल ख़रीदते हैं, और बारिश, त्योहार और महँगाई का सामना करते हैं। यह सीखने का खेल है, पैसे कमाने का ज़रिया नहीं, पर इससे जल्दी पता चल जाता है कि आप बिज़नेस को कितना समझते हैं।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: सब्ज़ी की दुकान
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ →






