भारत में ₹5 लाख में ज़्यादातर टियर-2 और टियर-3 शहरों में छोटी किराए की दुकान या सर्विस बिज़नेस खुल सकता है: जेंट्स बार्बर शॉप (करीब ₹1.8 लाख सेटअप), लेडीज़ ब्यूटी पार्लर (करीब ₹2.5 लाख), घर के आगे किराना (करीब ₹2 लाख), घर से कैटरिंग (करीब ₹2 लाख), ऑप्टिकल काउंटर (करीब ₹2.5 लाख), टीन शेड ढाबा (करीब ₹2.8 लाख), स्टेशनरी और फ़ोटोकॉपी काउंटर (करीब ₹1.75 लाख) या मोबाइल रिपेयर और एक्सेसरीज़ की दुकान (करीब ₹1.5 लाख)। असली बात यह है कि पूरे ₹5 लाख सेटअप में न झोंकें। किराए की दुकान को डिपॉज़िट, शुरुआती माल और दो-तीन महीने का चलाने का पैसा चाहिए। नीचे असली आँकड़े हैं, कैसे चुनें, लोन कहाँ से लें, और क्या गलत होता है।
सारे आँकड़े हमारे मुफ़्त बिज़नेस सिम्युलेटर की रिसर्च से हैं, टियर-2 शहर के दाम पर। मेट्रो में ज़्यादा, छोटे कस्बे में कम।
₹1 लाख से ₹5 लाख के बीच शुरू होने वाले बिज़नेस
| बिज़नेस | लागत | आम दुकान: लागत | आम दुकान: महीने का मुनाफ़ा (टियर 2 शहर) |
|---|---|---|---|
| 🥐 बेकरी | ₹1 लाख | ₹12 लाख | ₹45,000–₹68,000 |
| 🚿 कार वॉश | ₹1 लाख | ₹6 लाख | ₹20,000–₹25,000 |
| 👟 जूते-चप्पल की दुकान | ₹1 लाख | ₹6 लाख | ₹86,500–₹3.5 लाख |
| 🍨 आइसक्रीम पार्लर | ₹1.5 लाख | ₹8 लाख | ₹8,500–₹30,500 |
| ✏️ स्टेशनरी की दुकान | ₹1.8 लाख | ₹4 लाख | ₹13,000–₹60,500 |
| 💇 सैलून या ब्यूटी पार्लर | ₹1.8 लाख | ₹2.5 लाख | ₹40,000–₹78,000 |
| 🍛 कैटरिंग का बिज़नेस | ₹2 लाख | ₹7.5 लाख | ₹86,500–₹1.1 लाख |
| 🛍️ किराना दुकान | ₹2 लाख | ₹4.5 लाख | ₹8,500–₹19,500 |
| 👓 चश्मे की दुकान | ₹2.5 लाख | ₹7.5 लाख | ₹86,500–₹2.8 लाख |
| 🍛 ढाबा या फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट | ₹2.8 लाख | ₹8 लाख | ₹86,500–₹1.3 लाख |
| 🔧 हार्डवेयर और पेंट की दुकान | ₹4 लाख | ₹10 लाख | ₹21,500–₹1.5 लाख |
| 🧋 कैफ़े | ₹5 लाख | ₹12 लाख | ₹65,000–₹1.3 लाख |
| 🚚 फ़ूड ट्रक बिज़नेस | ₹5 लाख | ₹12 लाख | ₹52,000–₹78,000 |
| 🐔 मुर्गी फार्म | ₹5 लाख | ₹22 लाख | ₹8,500–₹39,000 |
"लागत" हर बिज़नेस के सबसे सस्ते फ़ॉर्मेट की है। मुनाफ़े वाला कॉलम टियर-2 शहर के सबसे आम फ़ॉर्मेट का है, जो कुछ के लिए (कैफ़े, फ़ूड ट्रक, हार्डवेयर, जूते-चप्पल) ₹5 लाख से कहीं बड़ा सेटअप है। नीचे उन फ़ॉर्मेट के आँकड़े हैं जो सच में इस बजट में आते हैं।
कई सस्ते बिज़नेस के बड़े फ़ॉर्मेट भी इसी दायरे में आते हैं: बैठने की जगह वाला पक्का स्ट्रीट फ़ूड स्टॉल (₹1.8–3.5 लाख), किराए का ट्यूशन कमरा (करीब ₹1.25 लाख) या कई कमरों वाला सेंटर (करीब ₹3 लाख), लेडीज़ टेलर की दुकान (करीब ₹2.25 लाख), छोटी पान दुकान (करीब ₹2.5 लाख) और छोटी चिकन दुकान (करीब ₹3.25 लाख)। इससे काफ़ी कम में शुरू होने वाले विकल्पों के लिए देखें: 1 लाख में बिज़नेस और 50000 में बिज़नेस।
₹5 लाख में असल में क्या-क्या आना चाहिए?
इस बजट में दुकान कुछ बेचने से पहले ही पैसा खाने लगती है। पाँच थैलियों की योजना बनाइए:
- किराए का डिपॉज़िट: आमतौर पर 3–10 महीने का किराया, ऊपर से पहले महीने का किराया और पुराने बाज़ारों में कभी-कभी पगड़ी।
- फ़िट-आउट और सामान: रैक, काउंटर, लाइट, कुर्सियाँ, मशीनें, बोर्ड।
- शुरुआती माल: किराना में अकेले यही सेटअप का 40–55% है (Accountune); जूते-चप्पल में 60–75%।
- लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन: शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट, ट्रेड लाइसेंस, खाने के लिए FSSAI, ज़रूरत हो तो ड्रग या MD-42 रजिस्ट्रेशन।
- वर्किंग कैपिटल: दो-तीन महीने का किराया, तनख़्वाह, बिजली और माल भरने का पैसा, क्योंकि नई दुकान में पक्के ग्राहक बनने में वक़्त लगता है।
हमारा सिम्युलेटर सेटअप और वर्किंग कैपिटल अलग-अलग गिनता है। बजट से पहले चुने गए फ़ॉर्मेट का सेटअप कटता है, और बचा पैसा ही चलाने का नकद बनता है। ऐसा फ़ॉर्मेट चुनें जो कुछ न छोड़े, तो गेम शुरू नहीं होता। असल ज़िंदगी में ₹5 लाख डुबोने का सबसे आम तरीका है ₹4.8 लाख की सुंदर दुकान बनाना और पहले मंदे महीने में ₹20,000 हाथ में होना।
सैलून और ब्यूटी पार्लर
हमारे डेटा में जेंट्स बार्बर शॉप करीब ₹1.8 लाख और लेडीज़ सैलून या ब्यूटी पार्लर पार्लर करीब ₹2.5 लाख से शुरू होता है: कुर्सियाँ, शीशे, वॉश स्टेशन, औज़ार, प्रोडक्ट और बेसिक इंटीरियर। हमारे अनुमान छोटे कस्बे की बार्बर शॉप के लिए ₹21,500–47,500 महीना और टियर-2 पार्लर के लिए ₹40,000–78,000 महीना हैं। पैसे के हिसाब से यह मज़बूत है, पर हुनर और कारीगरों को रोके रखने पर टिका है। दूसरे सैलून कारीगर तोड़ लेते हैं, यह असली जोखिम है।
22 सितंबर 2025 से सैलून सर्विस पर बिना इनपुट क्रेडिट 5% GST है, हालाँकि रजिस्ट्रेशन ₹20 लाख टर्नओवर के बाद ही चाहिए। शादी के मुहूर्त (21, 24, 25 और 26 नवंबर 2026, फिर दिसंबर की शुरुआत) और दिवाली व करवा चौथ से पहले का हफ़्ता सबसे व्यस्त होते हैं। कई इलाकों में मंगलवार को नाई की दुकान ठंडी रहती है।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: सैलून या ब्यूटी पार्लर
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ →किराना दुकान
हमारे डेटा में घर के आगे किराना दुकान करीब ₹2 लाख और 200 वर्ग फ़ुट की छोटी दुकान करीब ₹4.5 लाख की है। यह स्थिर और जाना-पहचाना काम है, पर मार्जिन पतला: छोटी किराना का टियर-2 अनुमान सिर्फ़ ₹8,500–19,500 महीना है, और पैसा लौटने में दो-तीन साल लग सकते हैं। ग्राहक MRP से और क्विक कॉमर्स ऐप से तुलना करते हैं, जो बड़े मेट्रो में हर तिमाही ग्रोसरी का करीब एक प्रतिशत हिस्सा ले रहे हैं (HDFC SKY)। टियर-2 और टियर-3 शहरों और रिहायशी इलाकों में WhatsApp से होम डिलीवरी और उधारी पर कड़ी लगाम के साथ किराना बेहतर चलती है।
टीन शेड ढाबा
हमारे डेटा में टीन शेड वाला छोटा ढाबा या फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट करीब ₹2.8 लाख का है: ढाँचा ₹30,000–50,000, रसोई का सामान ₹40,000–60,000, चारपाई-टेबल ₹20,000–30,000 (DineOpen), ऊपर से ज़मीन का किराया, माल और लाइसेंस। छोटे कस्बे या हाईवे पर हमारा अनुमान ₹65,000–95,500 महीना है, जो इस दायरे में सबसे अच्छों में है, पर इसका मतलब लंबे घंटे (कई ढाबे 18–24 घंटे चलते हैं), भरोसेमंद रसोइया और ऐसी जगह है जहाँ ट्रक और मुसाफ़िर सच में रुकते हैं। दिल्ली में ₹2,810 का कमर्शियल LPG सिलेंडर (अक्टूबर 2026) बड़ा ख़र्च है।
ऑप्टिकल काउंटर
हमारे डेटा में ऑप्टिकल काउंटर करीब ₹2.5 लाख से और आँख जाँचने के कमरे वाली पूरी चश्मे की दुकान दुकान करीब ₹7.5 लाख से शुरू होती है। सितंबर 2025 में चश्मे के फ़्रेम और लेंस पर GST 12% से घटकर 5% हुआ। योग्य ऑप्टोमेट्रिस्ट (या रेफ़रल का तालमेल) चाहिए, और नंबर वाले चश्मे व कॉन्टैक्ट लेंस बेचने के लिए MD-42 रजिस्ट्रेशन में जाँच के बाद 30–60 दिन लग सकते हैं, इसलिए शुरुआत की तारीख़ उसी हिसाब से रखिए।
घर से कैटरिंग
घर से कैटरिंग का बिज़नेस ₹1–3 लाख में शुरू होती है, हमारे डेटा में करीब ₹2 लाख, अपनी रसोई और किराए की क्रॉकरी से। इसमें एक ऑर्डर में करीब 50–150 प्लेट तक की सीमा रहती है। कमाई शादियों, त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों के आसपास एकमुश्त आती है, और अक्सर ग्राहक बाकी पैसा देने से पहले आपको राशन और स्टाफ़ का भुगतान करना पड़ता है, इसलिए यहाँ सामान से ज़्यादा वर्किंग कैपिटल मायने रखता है। किराए की रसोई वाला कैटरर (करीब ₹7.5 लाख) 300–800 प्लेट सँभाल सकता है।
स्टेशनरी और फ़ोटोकॉपी काउंटर
फ़ोटोकॉपी मशीन वाला काउंटर करीब ₹1.75 लाख और 200–300 वर्ग फ़ुट की छोटी स्टेशनरी की दुकान दुकान करीब ₹4 लाख की है। छोटी दुकान का टियर-2 अनुमान ₹13,000–60,500 महीना है; दायरा चौड़ा इसलिए है क्योंकि यह स्कूल कैलेंडर के साथ बहुत झूलता है: अप्रैल–जून और सेशन की शुरुआत चरम, बाकी साल धीमा। स्कूल या कॉलेज के पास की जगह ही सब कुछ है।
मोबाइल रिपेयर और एक्सेसरीज़ की दुकान
हमारे डेटा में रिपेयर-एक्सेसरीज़ वाली मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान दुकान करीब ₹1.5 लाख और बाज़ार का शोरूम करीब ₹4 लाख का है। दुकान वाले फ़ॉर्मेट का टियर-2 अनुमान ₹24,000–69,500 महीना है। एक्सेसरीज़ (स्क्रीन गार्ड, कवर, चार्जर, ईयरफ़ोन) भीड़ लाती हैं; रिपेयर मार्जिन। पार्ट्स और एक्सेसरीज़ पर 18% GST है। दिवाली पर चार-छह हफ़्ते एक्सेसरीज़ की भारी बिक्री होती है।
इस दायरे के दूसरे विकल्प
- आइसक्रीम काउंटर या ठेला: ₹1.5–3.5 लाख, पर सिर्फ़ गर्मी की माँग से हमारे डेटा में पैसा लौटने में लंबा समय।
- छोटी पान दुकान: करीब ₹2.5 लाख; बिना तंबाकू वाले मज़बूत माल के साथ टियर-2 अनुमान ₹21,500–78,000 महीना।
- छोटी चिकन दुकान: टाइल, नाली और फ़्रिज मिलाकर करीब ₹3.25 लाख; टियर-2 अनुमान ₹13,000–43,500 महीना।
- 1,000 मुर्गियों का पोल्ट्री शेड: करीब ₹5 लाख, पर छोटे कस्बे का हमारा अनुमान सिर्फ़ ₹3,000–8,000 महीना है, यानी यह सीखने की सीढ़ी है, कमाई का ज़रिया नहीं।
- पुराना फ़ूड ट्रक या कॉफ़ी कियोस्क: हर एक करीब ₹5 लाख, वर्किंग कैपिटल से पहले, तो असल में ₹5.3–5.8 लाख चाहिए।
5 लाख का बिज़नेस कैसे चुनें
जगह
अब किराया आपका सबसे बड़ा फ़िक्स्ड ख़र्च है, तो जगह को उसे कमाकर देना होगा। किराना के लिए किराया बिक्री के 4% से कम और सैलून के लिए करीब 10% तक ठीक माना जाता है। 11 महीने का लीव एंड लाइसेंस साइन करने से पहले एक हफ़्ता अपने व्यस्त घंटों में वहाँ खड़े होकर मिलती-जुलती दुकानों में जाते ग्राहक गिनिए।
हुनर
सैलून, ऑप्टिकल, मोबाइल रिपेयर और कैटरिंग हुनर वाले काम हैं। हुनर न हो तो आप ऐसे स्टाफ़ पर टिके हैं जो जा सकता है और ग्राहक साथ ले जा सकता है। किराना, स्टेशनरी और पान की दुकान ख़रीद, उधारी पर नियंत्रण और जगह पर ज़्यादा टिकी हैं।
समय
इनमें से ज़्यादातर 10–14 घंटे, हफ़्ते में छह-सात दिन वाले काम हैं। ढाबा रात भर चल सकता है। अगर आप वहाँ नहीं रह सकते, तो भरोसेमंद मैनेजर का ख़र्च जोड़िए और कम मुनाफ़ा मानिए।
जोखिम
सोचिए अगर तीन महीने बिक्री योजना की आधी रहे तो क्या होगा। भारी माल वाली दुकानें (जूते, किराना, हार्डवेयर) न बिकने वाले माल में पैसा गँवाती हैं; खाने के बिज़नेस बर्बादी और LPG के उछाल में; सर्विस बिज़नेस तब, जब मुख्य कारीगर चला जाए।
5 लाख के बिज़नेस के लिए लोन
- मुद्रा किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख, बिना गारंटी; तरुण ₹5–10 लाख और तरुण प्लस ₹10–20 लाख, तरुण चुका चुके लोगों के लिए। ब्याज बैंक के हिसाब से करीब 9–14% सालाना (अनुमान)। देखें हमारी मुद्रा लोन गाइड।
- PMEGP: नई यूनिट के प्रोजेक्ट ख़र्च पर 15–35% सब्सिडी, ग्रामीण और विशेष श्रेणी में ज़्यादा।
- स्टैंड-अप इंडिया: SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख–1 करोड़, बड़े प्रोजेक्ट के लिए।
- PM SVANidhi: सिर्फ़ रेहड़ी-पटरी वालों के लिए (₹15,000, ₹25,000, ₹50,000 की सीढ़ी), ठेले को पक्के स्टॉल में बदलते समय काम का (News on AIR)।
- गोल्ड लोन: ₹2.5 लाख तक के लोन पर सोने की कीमत का 85% तक (RBI, 1 अप्रैल 2026 से)। जल्दी मिलता है, पर सोना जोखिम में।
16–30% वाले बिना गारंटी NBFC लोन और 2–5% महीने वाले साहूकार किराना जैसे पतले मार्जिन वाले काम को चलने लायक नहीं छोड़ते। उतना ही उधार लीजिए जितना बुरा महीना भी चुका सके।
लाइसेंस
- हर दुकान के लिए शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन और नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस।
- खाने के लिए FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन (1 अप्रैल 2026 से ₹1.5 करोड़ टर्नओवर तक ₹100 सालाना) (FSSAI आदेश)।
- सामान पर ₹40 लाख और सर्विस पर ₹20 लाख टर्नओवर के बाद GST; छोटे व्यापारियों के लिए 1% वाली कंपोज़िशन स्कीम।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन (मुफ़्त)।
- 21 नवंबर 2025 से लागू चार लेबर कोड छोटी दुकानों में भी नियुक्ति पत्र और समय पर तनख़्वाह माँगते हैं; 10+ कर्मचारियों पर ESI और 20+ पर PF लागू।
5 लाख के बजट में आम गलतियाँ
- इंटीरियर पर ज़्यादा ख़र्च। टियर-2 की किराना या नाई की दुकान में ग्राहक माल और सर्विस देखता है, संगमरमर नहीं।
- भीड़ जाँचे बिना किरायानामा साइन करना। सूनी गली का सस्ता किराया इस स्तर की सबसे महँगी गलती है।
- वर्किंग कैपिटल का रिज़र्व न रखना। खोलने से पहले दो-तीन महीने का फ़िक्स्ड ख़र्च अलग रखिए।
- ज़्यादा माल भर लेना। तेज़ बिकने वाले माल से शुरू कीजिए; ग्राहक क्या माँगते हैं यह सीखकर रेंज बढ़ाइए।
- स्टाफ़ के ख़र्च को कम आँकना। राज्यों की न्यूनतम मज़दूरी अप्रैल और अक्टूबर में बदलती है, और अच्छे कारीगर तोड़ लिए जाते हैं।
- पूरी रकम उधार लेना। ₹5 लाख की EMI ऐसा मुनाफ़ा माँगती है जो पहले महीने में शायद न हो।
पैसा लगाने से पहले आज़माएँ
₹5 लाख बड़ी रकम है, अक्सर उधार की। किरायानामा साइन करने से पहले BizGame सिम्युलेटर में बिज़नेस मुफ़्त चलाइए: शहर, जगह और फ़ॉर्मेट चुनिए, दाम, स्टाफ़ और माल तय कीजिए, और देखिए कि त्योहार, बारिश और महँगाई के साथ एक हफ़्ता कैसा जाता है। यह सीखने का खेल है, पैसे कमाने का ज़रिया नहीं, पर असली पैसा दाँव पर लगने से पहले यह दिखा देता है कि कौन सी बातें मायने रखती हैं।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: किराना दुकान
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ →






