भारत में खाना बनाने, रखने, बेचने या परोसने वाले हर बिज़नेस को FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस चाहिए। 1 अप्रैल 2026 से बेसिक रजिस्ट्रेशन (₹100 फ़ीस) ₹1.5 करोड़ सालाना टर्नओवर तक के लिए है। ₹1.5 करोड़ से ₹50 करोड़ तक स्टेट लाइसेंस और ₹50 करोड़ से ऊपर सेंट्रल लाइसेंस चाहिए। अब रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस हमेशा के लिए वैध हैं, यानी रिन्यू नहीं करवाना पड़ता। ये सीमाएँ FSSAI के 27 मार्च 2026 के आदेश से आई हैं (FSSAI आदेश; Mondaq)। फिर भी अप्लाई करने से पहले सरकारी FoSCoS पोर्टल पर एक बार पुष्टि कर लें, क्योंकि कई ब्लॉग और पुराने गाइड अब भी ₹12 लाख वाली पुरानी सीमा बताते हैं।
मतलब चाय के ठेले से लेकर अच्छी चलती मिठाई की दुकान तक, लगभग हर छोटे खाने के बिज़नेस को अब सिर्फ़ बेसिक रजिस्ट्रेशन चाहिए। नीचे जानिए कौन-सा रजिस्ट्रेशन चाहिए, कितना ख़र्च है, कैसे अप्लाई करें, और जाँच में असल में किन नियमों को देखा जाता है।
बेसिक रजिस्ट्रेशन, स्टेट लाइसेंस या सेंट्रल लाइसेंस: आपको कौन-सा चाहिए?
| श्रेणी | सालाना टर्नओवर (1 अप्रैल 2026 से) | सरकारी फ़ीस | किसके लिए |
|---|---|---|---|
| बेसिक रजिस्ट्रेशन | ₹1.5 करोड़ तक | ₹100 सालाना | ठेले, स्टॉल, घर की किचन, टिफ़िन, ज़्यादातर दुकानें, बेकरी, मिठाई की दुकान, ढाबा |
| स्टेट लाइसेंस | ₹1.5 करोड़ – ₹50 करोड़ | करीब ₹2,000–5,000 सालाना | बड़े रेस्टोरेंट, मिठाई की बड़ी चेन, मध्यम निर्माता |
| सेंट्रल लाइसेंस | ₹50 करोड़ से ऊपर | करीब ₹7,500 | बड़े निर्माता, आयातक, कई राज्यों में काम करने वाले |
ये फ़ीस हमारे रिसर्च नोट्स में दर्ज पुरानी तालिका है (स्टेट ₹2,000–5,000, सेंट्रल ₹7,500, Petpooja के अनुसार)। अब वैधता हमेशा की है, तो फ़ीस लेने का तरीका बदल सकता है। FoSCoS पर जो दिखे, वही अंतिम मानें।
दो बातें जो अभी साफ़ नहीं हैं
- दूध का काम। पुराने नियम में रोज़ 500 लीटर से ज़्यादा दूध संभालने वाली डेयरी को टर्नओवर कुछ भी हो, स्टेट लाइसेंस चाहिए था। हमारी रिसर्च में ये पक्का नहीं हो पाया कि 2026 के बदलाव के बाद ये नियम बचा है या नहीं। अगर आपकी डेयरी फ़ार्म इतनी मात्रा के आसपास है, तो FoSCoS या ज़िले के फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर से पूछें।
- मीट की दुकान। स्रोतों में मतभेद है कि छोटी कसाई की दुकान को बेसिक रजिस्ट्रेशन चाहिए या स्टेट लाइसेंस। बूचड़खाने को तो स्टेट या सेंट्रल लाइसेंस और मीट-जाँच की मंज़ूरी चाहिए ही (Velco Legal)।
1 अप्रैल 2026 को क्या बदला?
अप्रैल 2026 से पहले बेसिक रजिस्ट्रेशन सिर्फ़ ₹12 लाख टर्नओवर तक था। साल में ₹15–20 लाख की बिक्री वाली मिठाई की दुकान या बेकरी को स्टेट लाइसेंस लेना पड़ता था, ज़्यादा काग़ज़ और जाँच के साथ। छोटे दुकानदारों के लिए तीन बदलाव अहम हैं:
- बेसिक सीमा ₹1.5 करोड़ हो गई। ज़्यादातर मोहल्ले के खाने के बिज़नेस अब सबसे सस्ती श्रेणी में रहेंगे।
- हमेशा की वैधता। अब हर एक से पाँच साल में रिन्यू नहीं करवाना।
- नगर निगम में रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर को FSSAI में रजिस्टर्ड माना जाता है। जिसके पास वेंडिंग सर्टिफ़िकेट है, उसे अलग से FSSAI फ़ाइल नहीं करना।
ये संशोधन 10 मार्च 2026 को अधिसूचित हुआ और नए आवेदकों के लिए 1 अप्रैल 2026 से लागू है। पुराने बिज़नेस को बदलाव के लिए समय दिया गया है।
FSSAI लाइसेंस कैसे बनवाएं: स्टेप बाय स्टेप
- FoSCoS पर जाएँ (FSSAI का ऑनलाइन लाइसेंस सिस्टम) और मोबाइल नंबर से साइन अप करें।
- श्रेणी चुनें। टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से कम है तो बेसिक रजिस्ट्रेशन (फ़ॉर्म A)। लाइसेंस के लिए फ़ॉर्म B है।
- बिज़नेस की जानकारी भरें: नाम, पता, किस तरह का फ़ूड बिज़नेस (रिटेलर, निर्माता, केटरर, मोबाइल वेंडर वग़ैरह) और कौन-सा खाना बनाते-बेचते हैं।
- दस्तावेज़ अपलोड करें। बेसिक के लिए: फ़ोटो, पहचान पत्र (आधार वग़ैरह) और दुकान के पते का प्रमाण। स्टेट लाइसेंस में किचन का नक्शा, उपकरणों की सूची, पानी की जाँच रिपोर्ट और फ़ूड सेफ़्टी प्लान जैसी चीज़ें भी लगती हैं।
- फ़ीस ऑनलाइन भरें।
- मंज़ूरी का इंतज़ार करें। बेसिक रजिस्ट्रेशन में आम तौर पर 7–30 दिन लगते हैं (DineOpen) और स्टेट लाइसेंस में 30–60 दिन।
- सर्टिफ़िकेट काउंटर पर लगाएँ, और पैक किए सामान और मेन्यू पर 14 अंकों का FSSAI नंबर छापें।
ये फ़ॉर्म आप ख़ुद एक घंटे से कम में भर सकते हैं। एजेंट इसी के ₹1,000–2,000 या ज़्यादा लेते हैं। Petpooja क्लाउड किचन के बेसिक रजिस्ट्रेशन के लिए "सर्विस मिलाकर ₹2,000" बताता है। समय कम हो तो ठीक है, पर इससे कोई बेहतर लाइसेंस नहीं मिलता।
FSSAI आपकी किचन में क्या देखता है?
रजिस्ट्रेशन आसान हिस्सा है। जाँच, शिकायत और त्योहार की छापेमारी में साफ़-सफ़ाई देखी जाती है, और छोटे बिज़नेस वहीं फँसते हैं। मुख्य नियम (शेड्यूल 4 की साफ़-सफ़ाई की शर्तें) सीधे-सादे हैं, पर रोज़ मानने पड़ते हैं:
- साफ़ पानी। खाना बनाने, बर्तन धोने और बर्फ़ के लिए पीने लायक़ पानी। जूस स्टॉल पर ख़ास तौर पर बर्फ़ की जाँच होती है। केरल में गन्ने के जूस के स्टॉलों पर असुरक्षित बर्फ़ रोकी गई थी (The Better India)।
- स्वस्थ कर्मचारी। खाना छूने वालों के पास मेडिकल फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट हो। चमड़ी या छूत की बीमारी, या खुले घाव वाला व्यक्ति खाना न छुए।
- साफ़ जगह और ढका खाना। ढक्कन वाला डस्टबिन (पैर से खुलने वाला सबसे अच्छा), मक्खियाँ न हों, पेस्ट कंट्रोल, खाना ज़मीन पर न रखें।
- तेल और पानी दोबारा नहीं। बारिश के मौसम की चेतावनियों में कहा गया है कि वेंडर अक्सर पानी और तेल दोबारा इस्तेमाल करते हैं (ETV Bharat, 2026)। तलने का तेल समय पर बदलें।
- सप्लायर के बिल। दूध, खोया, घी, पनीर और मीट के बिल रखें। सैंपल फ़ेल हो तो बिल से पता चलता है माल कहाँ से आया।
मीट की दुकान के लिए अलग नियम
चिकन की दुकान दुकानों के लिए शेड्यूल 4 सख़्त है: दुकान के अंदर ज़िंदा मुर्ग़े या कटाई नहीं, सफ़ाई के लिए 82°C या ज़्यादा गर्म पानी, कर्मचारियों की सालाना मेडिकल जाँच, और धार्मिक स्थल से कम से कम 50 मीटर दूरी (गेट के सामने हो तो 100 मीटर)। कुछ शहर अपनी सीमा रखते हैं, जैसे दिल्ली में 100 मीटर (TaxClue)। ज़्यादातर पारंपरिक दुकानें इनमें से कुछ नियम नहीं मानतीं, और शिकायत होने पर ये असली ख़तरा बन जाता है।
त्योहारों की छापेमारी
राज्यों की फ़ूड सेफ़्टी टीमें दिवाली और होली से पहले खोया, घी और पनीर पर बड़े अभियान चलाती हैं। अक्टूबर 2025 में दिवाली से पहले UP में करीब 3,000 क्विंटल नकली खाद्य सामग्री ज़ब्त हुई (The Week/PTI)। दिल्ली में एक महीने में 8,800 लीटर से ज़्यादा घटिया घी पकड़ा गया (Tribune)। जो मिठाई की दुकान बिना बिल के सस्ता खोया ख़रीदती है, उसे माल ज़ब्ती, दुकान बंद होने और बदनामी का ख़तरा है।
हमारे किस खाने के बिज़नेस को क्या चाहिए?
नीचे के सभी बिज़नेस हमारे गाइड वाले टर्नओवर पर बेसिक रजिस्ट्रेशन में आ जाते हैं। फ़र्क़ बाक़ी काग़ज़ों में है।
- चाय की दुकान ठेला या टपरी: बेसिक FSSAI रजिस्ट्रेशन (या वेंडिंग सर्टिफ़िकेट हो तो माना हुआ रजिस्ट्रेशन), और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत नगर निगम का वेंडिंग सर्टिफ़िकेट।
- स्ट्रीट फ़ूड का ठेला स्टॉल और गन्ने के जूस का बिज़नेस ठेला: यही। रजिस्ट्रेशन से आप FSSAI के क्लीन स्ट्रीट फ़ूड हब कार्यक्रम में भी जुड़ सकते हैं। अगस्त 2025 तक 405 हब प्रमाणित और 13 लाख से ज़्यादा वेंडर प्रशिक्षित थे (News on AIR)।
- घर से टिफ़िन सर्विस सर्विस: घर की किचन के लिए भी बेसिक रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, साथ में स्थानीय ट्रेड या होम-ऑक्यूपेशन परमिट (₹500–2,000)।
- बेकरी: बेसिक रजिस्ट्रेशन, ट्रेड लाइसेंस, शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट, और ओवन वाली दुकान के लिए फ़ायर NOC। घर से बेकिंग करने वालों को ज़्यादातर जगह सिर्फ़ FSSAI और स्थानीय अनुमति चाहिए।
- क्लाउड किचन: बेसिक रजिस्ट्रेशन, जो फ़ूड ऐप पर लिस्टिंग के लिए वैसे भी चाहिए, साथ में ट्रेड लाइसेंस, फ़ायर NOC और GST।
- मिठाई की दुकान और ढाबा या फ़ास्ट फ़ूड रेस्टोरेंट: बेसिक रजिस्ट्रेशन, ट्रेड लाइसेंस, शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट, और बैठाकर खिलाते हैं तो ईटिंग-हाउस लाइसेंस। फ़ायर NOC सीटों और शहर पर निर्भर है।
- कैटरिंग का बिज़नेस और फ़ूड ट्रक बिज़नेस: बेसिक रजिस्ट्रेशन (फ़ूड ट्रक मोबाइल वेंडिंग यूनिट के रूप में), साथ में ट्रक की बॉडी के लिए RTO मंज़ूरी और नगर निगम की वेंडिंग अनुमति।
- किराना दुकान और पान की दुकान दुकान: पैक्ड खाना, नमकीन या ड्रिंक बेचते हैं तो बेसिक रजिस्ट्रेशन।
| बिज़नेस | लागत | आम दुकान: लागत | आम दुकान: महीने का मुनाफ़ा (टियर 2 शहर) |
|---|---|---|---|
| ☕ चाय की दुकान | ₹25,000 | ₹60,000 | ₹55,000–₹1.1 लाख |
| 🥟 स्ट्रीट फ़ूड का ठेला | ₹50,000 | ₹50,000 | ₹35,000–₹90,000 |
| 🍱 टिफ़िन सर्विस | ₹40,000 | ₹1 लाख | ₹17,500–₹30,500 |
| 🥐 बेकरी | ₹1 लाख | ₹12 लाख | ₹45,000–₹68,000 |
| 🥡 क्लाउड किचन | ₹5.5 लाख | ₹7 लाख | ₹15,000–₹41,000 |
| 🍬 मिठाई की दुकान | ₹6.5 लाख | ₹6.5 लाख | ₹1.1 लाख–₹2.6 लाख |
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: टिफ़िन सर्विस
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ →छोटे दुकानदारों की आम FSSAI ग़लतियाँ
- "छोटा हूँ तो छूट होगी" सोचना। खाना बेचने वालों के लिए कोई ऐसी सीमा नहीं जिसके नीचे छूट हो। ₹2,000 रोज़ वाले ठेले को भी रजिस्ट्रेशन (या माना हुआ रजिस्ट्रेशन) चाहिए।
- ग़लत श्रेणी में रजिस्टर करना। अगर आप बनाते और बेचते हैं, तो आप सिर्फ़ "रिटेलर" नहीं हैं। जो काम असल में करते हैं, वही श्रेणी चुनें।
- जानकारी अपडेट न करना। दुकान बदली या नए खाने जोड़े, तो FoSCoS पर रजिस्ट्रेशन में बदलाव करें।
- सर्टिफ़िकेट मिलते ही काम पूरा मान लेना। जाँच साफ़-सफ़ाई की होती है, काग़ज़ की नहीं। साफ़ किचन और सप्लायर के बिल ही सबसे अच्छा बचाव हैं।
- "फ़ास्ट-ट्रैक लाइसेंस" के लिए एजेंट को पैसे देना। बेसिक रजिस्ट्रेशन का कोई सरकारी फ़ास्ट-ट्रैक नहीं है।
पैसा लगाने से पहले आज़माएँ
लाइसेंस खाने के बिज़नेस का छोटा हिस्सा है। असली परीक्षा बर्बादी, दाम, स्टाफ़ और मौसम की है। BizGame के मुफ़्त सिम्युलेटर में आप टिफ़िन सर्विस सर्विस, बेकरी या स्ट्रीट फ़ूड का ठेला स्टॉल हफ़्ते-दर-हफ़्ते चला सकते हैं और देख सकते हैं कि साफ़-सफ़ाई में चूक या त्योहार की छापेमारी आपकी साख और कैश पर क्या असर डालती है। ये सीखने का खेल है, पैसा कमाने का ज़रिया नहीं, पर असली बचत लगाने से पहले मुश्किल हिस्से दिखा देता है।
सिम्युलेटर में मुफ़्त आज़माएँ: स्ट्रीट फ़ूड का ठेला
पैसा लगाने से पहले इस बिज़नेस का एक असली जैसा हफ़्ता 5 मिनट में चलाएँ।
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